आत्महत्या से रोकने नर्मदा किनारे खड़े लोगों की आवाज को किया नजरअंदाज
। गढ़ा शासकीय स्कूल में पदस्थ महिला टीचर ने तिलवारा घाट स्थित बड़े पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली। जैसे ही परिजनों और स्टाफ को घटना की भनक लगी तो मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। थोड़ी ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। तिलवारा पुलिस ने बताया कि नेपियर टाउन निवासी 53 वर्षीय अनुजा खत्री गढ़ा रामलीला मैदान स्थित शासकीय स्कूल में शिक्षिका के पद पर पदस्थ थी। रविवार को उन्होंने किसी काम का हवाला देते हुए अपने बेटे से खुद को स्कूल छुड़वाया और वहां से ऑटो या अन्य किसी साधन से तिलवारा के बड़े पुल पहुंच गईं। जहां उन्होंने पुल से छलांग लगाई और विसजर्न कुंड के पास के पथरीली जगह पर आकर गिरी। घटना में उनका सिर फट गया और अत्यधिक खून बहने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शव के पास पड़े पर्स में मिले दस्तावेजों के आधार पर तत्काल की महिला की पहचान हो गई और तत्काल परिजनों को भी सूचित कर दिया गय
की मौत ने किया डिस्टर्ब
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अनुजा के पति की कोरोना काल में मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद से उन्होंने लगभग सभी से बातचीत करना बंद कर दिया था और गुमशुम रहने लगी थीं। एकांतवास होने के कारण वे डिप्रेशन में भी चली गई थी। परिजन भी उनके इस व्यवहार से हमेशा शंकित रहते थे। संभवत इसी डिप्रेशन में आकर उन्होंने आत्महत्या कर ल
नीचे से आवाज लगाते रहे
बताया जा रहा है कि जिस वक्त अनुजा पुल से छलांग लगा रही थी, घाट पर मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें पट्टी पर चढ़ते हुए देख लिया था। वे सभी नीचे से आवाज लगाकर उसे रोक रहे थे और कुछ लोग वाहन उठाकर तत्काल पुल की तरफ भी गए, लेकिन इससे पहले कि कोई उन्हें रोक पाता, अनुजा ने छलांग लगा दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।