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गले में ‘सेनेट्री पैड्स’ की माला पहन चुनाव प्रचार करेंगे ‘अर्थी बाबा’


यूपी चुनाव ऐलान के पहले प्रचार के अजीब रंग
लखनऊ। यूपी चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के पहले चल रहे सियासी घमासान में इस बार गोरखपुर के राजन यादव उर्फ ‘अर्थी बाबा’ नए रूप में चुनाव मैदान में होंगे। एमबीए की पढ़ाई कर चुका  ये युवक 2022 के चुनाव में सेनेट्री पैड्स(महिलाओं के) का मुद्दा लेकर प्रचार में उतरेगा। अर्थी पर चुनाव प्रचार करने वाले ‘अर्थी बाबा’ का कहना है कि सरकार और राजनीतिक दल चुनाव में करोड़ों-अरबों रुपए खर्च करते हैं और विकास की योजनाएं लागू करने का वादा करते हैं, लेकिन युवतियों-महिलाओं को ‘फ्री सेनेट्री पैड्स’ आज तक उपलब्ध नहीं हो सके। जागरूकता के अभाव में देश की करोड़ों महिलाएं आज भी सेनेट्री पैड्स के इस्तेमाल से वंचित हैं। यूपी में जहां महिलाओं के लिए राजनीतिक दल बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं,वहीं अर्थी बाबा इसे ही चुनावी मुद्दा बनाएंगे।


 
अबकी बारी, जीतेगा राजन भिखारी...............
गोरखपुर के नंदानगर कूड़ाघाट के रहने वाले धनपत यादव के बेटे राजन यादव ने एमबीए की पढ़ाई की है, उनका नाम ‘अर्थी बाबा’ इसलिए जाहिर हुआ क्योंकि वे अर्थी पर लेटकर नामांकन दाखिल करने जाते हैं और अर्थी पर ही वोट मांगने जाते हैं। राजन यादव का चुनाव कार्यालय भी राजघाट स्थित श्मशान घाट पर ही होता है। वहां बैठकर वह बाकायदा श्रद्ध भी करते हैं। 2009 के चुनाव में अर्थी बाबा गोरखपुर सदर सीट से योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव मैदान में थे। उस वक्त सपा से भोजपुरी गायक मनोज तिवारी (अब भाजपा) योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। तब अर्थी बाबा का चुनावी नारा था ‘2 तिवारी, एक पुजारी, अबकी हारी, अबकी बारी, जीतेगा राजन भिखारी’।
टिकट मिली तो ठीक, वरना फिर निर्दलीय उतरेंगे..........
अभी तक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में किस्मत आजमाने वाले ‘अर्थी बाबा’ ने हाल ही में बसपा ज्वाइन की है। राजन यादव का कहना है कि पार्टी यदि पूर्वाचल से किसी सीट पर टिकट देती है तो ठीक, वरना वे फिर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरेंगे। अर्थी बाबा इस बार अपना चुनाव प्रचार ‘सेनेट्री पैड्स’ की माला पहनकर कर रहे हैं और लोगों से अपील कर रहे हैं कि वोट मांगने आने वाले नेताओं का इसी माला से स्वागत करें, ताकि इसे देश का मुद्दा बनाया जा सके। ‘अर्थी बाबा’, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ 2019 में वाराणसी से भी चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं कई मुद्दों को लेकर आंदोलन करते रहते हैं।





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