
भोपाल ।
पूरे मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है।
बादल छाने से रात का तापमान बढ़ने लगा है।
इससे ठंड से राहत मिलने लगी है।
प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने के साथ-साथ बाैछारें पड़ीं।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बीते चौबीस घंटों के
दौरान गुना में 13.2, दतिया में 10,
भोपाल में 6.2, ग्वालियर में 3.8, टीकमगढ़ में 2.0 और रायसेन में 1.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
राजधानी भोपाल के अलावा विदिशा, सीहोर, रायसेन, अशोकनगर के अलावा सागर जिले में बीती रात से रुक-रुककर बौछारें पड़ रहीं हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के दौरान मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने का अनुमान है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप
में बना हुआ है। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और उसके आसपास ट्रफ के रूप में सक्रिय है।
पूर्वी राजस्थान से लेकर पश्चिमी मध्यप्रदेश से होकर विदर्भ तक एक द्रोणिका लाइन (ट्रफ) बनी हुई है।
इसके अतिरिक्त दक्षिण-पश्चिमी बिहार पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है।
इन चार वेदर सिस्टम के सक्रिय रहने के कारण मप्र में बादल छाने लगे हैं।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मंगलवार-बुधवार के प्रदेश के अधिकतर जिलों में गरज-
चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान जबलपुर, शहडोल, रीवा संभागों के जिलों में कहीं-
कहीं ओले भी गिर सकते हैं।
इस दौरान दिन के तापमान में कुछ गिरावट होगी, जबकि रात का तापमान कुछ बढ़ेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा के मुताबिक सोमवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 25.7
डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
साथ ही पिछले दिन के अधिकतम तापमान के मुकाबले 1.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
साहा के मुताबिक बादल छाने के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान में कुछ और गिरावट हो सकती है। दरअसल अलग-
अलग स्थानों पर चार वेदर सिस्टम बने हुए है।
इस वजह से हवा के साथ लगातार आ रही नमी के कारण बादल छा गए हैं।
मंगलवार एवं बुधवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों में गजज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
इस दौरान ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, जबलपुर, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।
