ग्वालियर। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के बाद भाजपा युवा मोर्चा कार्यकारिणी में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को खासी तरजीह मिलने के बाद पार्टी की अंदरूनी राजनीति खदबदा रही है। इसकी बानगी सिंधिया के गढ़ गुना में आयोजित पार्टी के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में देखने मिली, जहां सिंधिया परिवार पर बरहमेश मुखर रहे भाजपा के दिग्गज जयभान सिंह पवैया ने भाजपा में आए सिंधिया समर्थकों को नसीहत दी और कहा कि नेता कितना भी करिश्माई क्यों न हो, वह तब तक ही वंदनीय है, जब तक पार्टी के मंच पर है। उसके बाद वह सभी कार्यकर्ताओं के बराबर ही हैं। पवैया यहीं नहीं रुके, उन्होने कहा कि नए मित्र जितना सम्मान अपने नेता का करते हैं, उतना ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का भी करना होगा। क्योंकि भाजपा क्षत्रपों, नेताओं और वंशों पर आधारित पार्टी नहीं है।
यहां सब बराबर हैं, कांग्रेस से आए नए मित्र समझ लें...............
भाजपा के तेजतर्रार नेता एवं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि अपने नेता की जय-जयकार और वंशवाद के आधार पर राजनीति करने का काम दूसरे लोग कर रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है और इसमें अपने नेता या क्षत्रपों वाली छाप नहीं है। इसलिए जो हमारे नए मित्र व कांग्रेस से बड़े नेता आए हैं, वो यह सब सोच-समझकर आए हैं कि किस तरह के दल में जा रहे हैं, भाजपा की कार्य संस्कृति कैसी है। पवैया ने सिंधिया समर्थकों को इशारे में कहा कि यहां सब बराबर हैं।
भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र के लिए काम करता है.........
प्रशिक्षण शिविर में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जयभान सिंह पवैया ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जो काम करता है, वह दल के लिए नहीं, राष्ट्र के लिए करता है। न जाने कितने जन्मों का पुण्य होगा, तब हमको भारत माता की सेवा करने का अवसर मिला है। हमें भाजपा कार्यकर्ता होने का सौभाग्य मिला। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपने एकात्म मानववाद को चिरतार्थ होते आज हम देख रहे हैं।