चुनाव निरस्त होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने किया परिवर्तन
भोपाल। एमपी में पंचायत चुनाव निरस्त किए जाने के बाद अब जो पंचायत चुनाव होंगे, वे 1 जनवरी 2022 की स्थिति में वोटर लिस्ट के आधार पर होंगे। 1 जनवरी 2022 को 18 साल के हो चुके युवाओं को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का एक अवसर और मिलेगा। आरक्षण, परिसीमन और अन्य बिंदुओं पर विवादित हो गए चुनाव निरस्त हो चुके चुनाव 1 जनवरी 2021 की वोटर लिस्ट के आधार पर हो रहे थे। वोटर लिस्ट अपडेट करने का नए सिरे से शुरू हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वोटर लिस्ट का इसका अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी को होगा। इसके बाद पंचायत वार वोटर लिस्ट तैयार होगी।
दावे-आपत्ति के लिए आयोग का कार्यक्रम तय
आयोग ने वोटर लिस्ट में नाम जोडने व काटने के लिए दावे-आपित्त के लिए कार्यक्र म जारी कर दिया है। इसके तहत 4 जनवरी को वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया जाएगा। 4 से 9 जनवरी तक दावे-आपित्त लिए जाएंगे। वहीं, 16 जनवरी को ग्राम पंचायतों में फाइनल वोटर लिस्ट लगाई जाएगी। ऐसे में यदि कोई 1 जनवरी 2021 से 1 जनवरी 2022 के बीच 18 साल का हो गया है, तो वह अपना नाम पंचायतों की वोटर लिस्ट में जुडवा सकता है। इस अवधि के पहले भी 18 साल के होने पर भी नाम जुड़ सकेगा। इसे लेकर आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक कर निर्देश जारी कर दिए हैं।
एक और नियम में किया गया संशोधन
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बीएस जामोद ने बताया कि पंचायत चुनाव से जुड़े एक और नियम में संशोधन कर दिया है। अब चुनाव तभी कराए जा सकेंगे, जब मतदाता सूची नए सिरे से तैयार होगी। दरअसल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मध्य प्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 में यह संशोधन कर दिया है। इसके तहत किसी भी कैलेंडर वर्ष में अधिसूचित सामान्य निर्वाचन के लिए उसी वर्ष में जनवरी के पहले दिन के अनुसार पुनरीक्षति वोटर लिस्ट अनिवार्य होगी। यानी 1 जनवरी 2022 की स्थिति में भारत चुनाव आयोग 5 जनवरी को जो वोटर लिस्ट जारी करेगा, उसके अनुसार ही चुनाव कराने होंगे।