सीएम योगी 2018 में घोषण कर गए थे, न संग्रहालय बना न स्कूल बन पाया
लखनऊ। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर आज पूरे देश में उन्हें याद किया गया, लेकिन यूपी सरकार और उसके सीएम योगी आदित्यनाथ अपना वादा भूल गए। यानी 25 दिसंबर को जयंती है। आगरा के बटेश्वर स्थित अटल जी के जिस पैतृक घर भव्य स्मारक बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज उनकी जयंती पर बटेश्वर के लोगों को इस बात का गिला है कि अटल जी का वह मकान आज भी खंडहर बना है। इसके आंगन में 5-5 फीट ऊंची झाडियां उग आई हैं। छत के एक हिस्से में सूखी घास लदी है, तो सामने भैंस बांधी जा रही है। इस बात का दुख रिश्ते में अटल बिहारी वाजपेयी के भतीजे अश्विनी वाजपेयी को है। अश्विनी के मुताबिक अटल जी की अस्थियां यमुना जी में प्रवाहित करने 2018 में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए थे तब उन्होने कहा था कि अटल जी के पैतृक मकान को संवारा जाएगा और इसे भव्य स्मारक का रूप दिया जाएगा। उस वक्त यहां साफ-सफाई कराई गई थी, उसके बाद सरकार ने सुध नहीं ली। वह मकान आज भी उपेक्षित पड़ा है।
तीन साल बीत गए घोषणा पूरी नहीं हुई.............
बताया गया कि 2018 में मुख्यमंत्री योगी आए थे तो उन्होने अटलजी के पैतृक आवास को भव्य स्मारक बनाने के साथ ही जंगलात कोठी को संग्रहालय बनाने कहा था। जंगलात कोठी वही जगह है, जहां सन 1942 में अटल बिहारी वाजपेयी ने महात्मा गांधी के अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन से प्रभावित होकर 300 से ज्यादा देशभक्तों के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया था। अटलजी की स्मृति में बटेश्वर में उनके नाम से कन्या स्कूल खोलने की घोषणा हुई थी, लेकिन यह स्कूल भी उनके गांव में नहीं खुल सका। राजनीति के चलते यह विद्यालय उनके गांव से 25 किलोमीटर दूर चला गया है। इसके अलावा डिग्री कॉलेज खोलने की मांग भी पूरी नहीं हुई।
हॉल्ट नहीं बन पाया बटेश्वर रेलवे स्टेशन..............
अटलजी ने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए आगरा-इटावा वाया बटेश्वर रेल लाइन की आधारशिला 6 अप्रैल 1999 को रखी थी। इस रेल लाइन का उद्घाटन भाजपा सरकार में रेल मंत्री रहे मनोज सिन्हा ने 24 दिसंबर 2015 को किया था। इसके बाद उम्मीद बंधी थी कि बटेश्वर अटल स्टेशन के नाम से जाना जाएगा, लेकिन छह साल बीत जाने के बाद यह हॉल्ट अंधेरे में है। यहां पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है और न ही ये स्टेशन हॉल्ट बन पाया।