चिंता : रेपिड टेस्ट में नहीं डिटेक्ट हो रहा ओमिक्रॉन
जबलपुर। मध्यप्रदेश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच जबलपुर संभाग कमिश्नर बी.चंद्रशेखर की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है,इसकी पुष्टि जिले के सीएमएचओ डॉ रत्नेश कुररिया ने की है। यहां सोमवार को 2 नए पॉजिटिव मिलने के साथ ही जर्मनी से आए एक यात्री को कोरोना पॉजिटिव बताया गया। वहीं प्रदेश की सीमा से लगे तीन गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में ओमिक्र ॉन पहुंचने के साथ संभाग के सीमावर्ती छिंदवाड़ा, बालाघाट, बैतूल, सिवनी आदि जिलों में प्रशासन अलर्ट हो गया है।
ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिली, कांट्रेक्ट हिस्ट्री पर जोर
संभाग कमिश्नर बी.चंद्रशेखर के कोरोना संक्रिमत होने के साथ राहत की खबर यह है कि उनके परिवार के चारों सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। बी चंद्रशेखर की कर्नाटक यात्र की जानकारी मिली थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की और कहा गया कि उनकी ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिली है,बल्कि कॉन्टेक्ट हिस्ट्री में चिन्हित किए गए सभी लोगों की सैम्प्लिंग की जा रही है, उनके संपर्क में आने वाले लोगों को चिन्हित कर उनका सेम्पल जीनोम सिक्वेसिंग के लिए दिल्ली लैब भेजा जा रहा है। संभाग कमिश्नर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से कार्यालय सहित प्रशासनिक अमले में खलबली मची है। वरिष्ठ आईएएस बी. चंद्रशेखर मेडिकल यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति व नगर निगम के प्रशासक का दायित्व भी संभाल रहे हैं।
जबलपुर में रेपिड टेस्ट पर रोक, आरटीपीसीआर जरूरी
बताया जाता है कि जबलपुर में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने रेपिड टेस्ट पर रोक लगा दी है, क्योंकि कोरोना का नया वैरियंट ओमिक्रॉन रेपिड टेस्ट में डिटेक्ट नहीं हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि अब संदिग्ध मरीजों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं शासन ने संक्रमण वाले राज्यों से होकर आने वाली ट्रेनों व बसों के यात्रियों की कोरोना जांच अनिवार्य रूप से करने कहा है।