स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा- यूपी चुनाव नहीं, हिंदुओं की एकता है एजेंडा
भोपाल। स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि स्वतंत्रता के समय भारत में 75 फीसदी हिन्दू थे, जो अलग-अलग वर्गो और सम्प्रदायों में थे। वर्तमान में इनकी संख्या घटकर 60 फीसदी ही बची है। कुंभ और महाकुंभ प्रदर्शन की चीजें हो गई हैं। ऐसे में हम चित्रकूट की पवित्र धरा में हिन्दू एकता महाकुंभ का आयोजन कर रहे हैं, जिससे देश में घट रहे, बंट रहे हिन्दुओं को एकजुट कर एकत्रित करें। जिस दिन देश में 80 फीसदी हिन्दू हो गया, उस दिन भारत की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी। चित्रकूट में होने वाले हिंदू एकता महाकुंभ के पहले स्वामी रामभद्राचार्य पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होने कहा कि यूपी चुनाव नहीं, हिंदुओं की एकता है एजेंडा। इस दौरान महाकंभ के प्रधान सेवक विधायक संजय पाठक भी मौजूद रहे।
डॉ भागवत सहित दिग्गज आएंगे हिंदू एकता महाकुंभ में...........
स्वामी रामभद्राचार्य ने बताया कि चित्रकूट में आगामी 13 से 15 दिसंबर के बीच हिन्दू एकता महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पांच लाख हिन्दुओं के आने की संभावना है। साथ ही देश के सभी बड़े शंकराचार्य, राजनेता सहित 165 संत-स्वामियों को आमंत्रित किया गया है। इस महाकुंभ में आरएसएस के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, बाबा रामदेव, साध्वी ऋतंभरा सहित कई संत और स्वामी शामिल होंगे।
अयोध्या के बाद काशी-मथुरा हमारे एजेंडा में है.....
यह पूछे जाने पर कि चित्रकूट में आयोजित हिंदू एकता महाकुंभ यूपी चुनाव की तैयारी का हिस्सा है, स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि यह हिन्दू एकता महाकुंभ उप्र चुनाव को लेकर नहीं बल्कि हिन्दुओं को एकजुट करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह कहना उचित नहीं है कि उप्र चुनाव को फोकस करके यह आयोजन हो रहा है। उन्होने कहा कि हम तो शुरू से बात कर रहे हैं कि पहले अयोध्या, फिर काशी और फिर मथुरा। यह हमारा एजेंडा है। हम चाहते हैं कि देश में नामांतरण रुके, जनसंख्या नियंत्रित हो, लव जेहाद रुके, पर्यावरण साफ रहे, गौवध रुके। यह सब जब होगा, जब हिन्दू एक होंगे।