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तैयार रहें महंगी बिजली का झटका ङोलने, कंपनियां 4 प्रतिशत दर बढ़ाने की तैयारी



मप्र विद्युत नियामक आयोग में 14 दिसंबर से होगी सुनवाई
जबलपुर। बिजली की अघोषित कटौती, अनाप-शनाप बिल और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट के बीच उपभोक्ता तैयार रहें, उन्हें एक बार फिर महंगी बिजली का झटका लग सकता है। खबर है कि बिजली कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बिजली की नई दरें निर्धारित करने के लिए टैरिफ याचिका मप्र विद्युत नियामक आयोग के समक्ष पेश कर दिया है। इस बार बिजली कंपनियां लगभग  4 प्रतिशत दरें बढ़ाने की तैयारी में है। इसकी वजह विभाग ने 34 हजार करोड़ रु पए की जरूरत बताई है। नियामक आयोग ने आगामी 14 दिसंबर को सुनवाई शुरू करने कहा है, वहीं  टैरिफ याचिका को सार्वजनिक करते हुए जनसुनवाई के लिए आपित्तयां आमंत्रित की जाएंगी।
उपभोक्ताओं का पक्ष मजबूती से रखेगा मंच.........
प्रदेश की बिजली कंपनियों की ओर से एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी ने नियामक आयोग के समक्ष  टैरिफ याचिका दायर की है। इस बार याचिका में बढाई गई दरों का खुलासा कंपनी ने नहीं किया है। कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि नियामक आयोग ही प्रस्तावित दरों का खुलासा करेगा। उधर, नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने जनसुनवाई में उपभोक्ताओं का पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी की है।
नियामक आयोग में 14 दिसंबर से शुरू होगी सुनवाई..............
बताया जाता है कि 14 दिसंबर को नियामक आयोग में प्रारंभिक सुनवाई होगी। इसमें याचिका लगाने वाली कंपनी का पक्ष सुना जाएगा। याचिका में यदि किसी दस्तावेज की कमी होगी तो उसकी पूर्ति के निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद तय होगा कि कब इस टैरिफ याचिका को सार्वजनिक करते हुए इस पर आम लोगों से आपित्तयां बुलवाई जाएं। इसके बाद जनसुनवाई होगी। जनसुनवाई वर्चुअल होगी या भौतिक ये बाद में तय होगा। कहा जा रहा है कि बिजली कंपनी ने ड्राफ्ट के आधार पर इस प्रत्याशा में टैरिफ याचिका दायर कर दी है। यह टैरिफ याचिका ही पूरी तरह से वैधानिक नहीं है। पहले रेग्युलेशन नीति तय होना चाहिए थी। बिजली कंपनियों ने इसी साल जुलाई में 0.63 प्रतिशत दर बढ़ाई थी। वहीं जानकारों का कहना है कि इस बार कंपनियों ने 4 प्रतिशत के लगभग दरें बढाने की मांग टैरिफ याचिका में की है।

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