ने जौहार मध्यप्रदेश के जरिए अभिवादन के साथ आदिवासी देसी भाषा में भाषण की शुरूआत की और आदिवासियों से हाल-चाल पूछे। फिर कहा कि मैंने जीवन का एक कालखंड आदिवासियों के बीच गुजारा है। इसलिए जानता हूं कि आदिवासियों के गीत-नृत्य में भी तत्वज्ञान होता है। इसलिए अभी यहां जो आदिवासियों ने गीत प्रस्तुत किया, उसे समझने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री ने कहा आदिवासी दुनिया को जीवन जीने का असली तरीका बताते हैं। मोदी ने कहा कि यह देश बिरसा का शौर्य और रानी कमलापति का बलिदान भूल नहीं सकता। महाराणा प्रताप की वीरता की कहानी उन भीलों के बिना कैसे पूरी हो सकती है, जिन्होंने महाराणा से कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया। हम इनका कर्ज कभी नहीं चुका सकते, लेकिन हम अपना दायित्व निभा सकते हैं। मोदी ने कहा कि आदिवासी ही हमारे असली हीरो हैं।
रानी कमलापति को न अंग्रेजों ने सम्मान दिया न कांग्रेस ने: शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज के दिन जनजातीय गौरव दिवस मनाने की घोषणा कर कर्ज चुका दिया। छल से कपट से अफगान से आया दोस्त मोहम्मद खान, पहले जगदीशपुर (इस्लाम नगर) को लूटा, बाद में सभी पर अत्याचार किया। रानी ने आत्मसम्मान के लिए जल जौहर कर दिया था। रानी भुला दी गई। इतिहास में न अंग्रेजों ने सम्मान दिया ने कांग्रेस ने दिया, लेकिन नरेंद्र मोदीजी ने रानी कमलापति के नाम पर हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम करके गौरव बढ़ाया है। मैं ऐसे प्रधानमंत्री को प्रणाम करता हूं। चौहान ने कहा कि पीएम मोदीजी ने वैक्सीनेशन मुफ्त लगाई। पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटाई। रोटी-कपड़ा मकान और पढ़ाई-लिखाई का इंतजाम जनजातीय समाज का किया है। इसलिए मध्यप्रदेश और जनजातीय समाज की तरफ से अभिनंदन करता हूं।