जबलपुर। एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी ने कहा कि हमें सजा दिलाने से ज्यादा न्याय दिलाने के उद्देश्य से काम करना चाहिए। संभाग के अभियोजन अधिकारियों की कार्यशाला में जस्टिस द्विवेदी ने मिस यूज ऑफ लॉ पर दो टूक कहा कि अपराधिक केसों में विवेचना लचर होना भी न्याय की रहा में बाधा बनता है। उन्होने वकीलों को समय का पाबंद होने पर जोर देते हुए कहा कि आमतौर पर धारणा बन रही है कि सरकारी वकील खेल बिगाड़ते हैं।
सायबर क्राइम बड़ी चुनौती: एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा.............
अभियोजन अधिकारियों की व्यवसायिक दक्षता में वृद्धि हेतु एवं नवीन परिदृश्य के अनुरूप कार्य विषय पर आयोजित कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने कहा, कि लम्बे समय बाद इस तरह की कार्यशाला के आयोजन से अभियोजन अधिकारियों की व्यवसायिक दक्षता तो बढ़ेगी ही, पुलिस विभाग को भी इसका लाभ मिलेगा। हम और आप कहीं न कहीं एक ही उद्देश्य को लेकर काम कर रहे हैं। एसपी ने कहा कि पुलिस विभाग चिहिन्त व सनसनीखेज अपराधों की समीक्षा बारीकी से कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में फायनेंशियल व सायबर क्राइम में तेजी आई है। इस तरह के क्राइम करने वाले अपराधी एडवांस टेक्नीक का इस्तेमाल कर रहे हैं,यह पुलिस व अभियोजन के लिए चुनौती है।
डिफेंस के अफेंस के लिए तैयारी जरूरी: बाथम
एडीएम राजेश बाथम ने कहा, कि नवीन परिदृश्य में नए-नए अपराध व तरीके में बदलाव आया है। कोर्ट में डिफेंस के अफेंस के लिए हमें भी अपने आप में बदलाव लाना जरूरी है। डिफेंस के अफेंस के लिए पहले से तैयारी करना जरूरी है। कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर स्वागत उद्बोधन जबलपुर जिले के डीपीओ अजय कुमार जैन ने दिया। कार्यक्रम का संचालन एडीपीओ सारिका यादव ने किया। वर्कशॉप में कार्यक्रम की अध्यक्ष स्मिता ठाकुर, डीपीओ संदीप पांडेए, डीपीओ लोकायुक्त प्रशांत शुक्ला सहित जबलपुर संभाग के जिले मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी एवं जबलपुर के अभियोजन अधिकारी शामिल हुए। जबलपुर जिले से एडीपीओ देवर्षि पींचा, मीडिया सेल के दिलावर धुव्रे, ऋतुराज कुमरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मीडिया सेल प्रमुख एडीपीओ भगवत उईके ने बताया कि कार्यशाला का आयोजन पुलिस महानिदेशक/संचालक लोक अभियोजन मध्यप्रदेश अन्वेष मंगलम के मार्गदर्शन में किया गया।