तिलवारा के ङिारी गांव में सनसनीखेज वारदात,डॉग स्क्वॉड को नहीं मिली कटी हुई मुंडी
जबलपुर। तिलवारा थाना क्षेत्र के परासिया ङिारी गांव में सरपंच के चचेरे भाई की हत्या करने वाले उसका सिर काटकर ले गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद मौके पर सीएसपी प्रियंका शुक्ला, टीआई राहुल सिंह व एएसपी शिवेश सिंह बघेल के साथ पहुंचे डॉग स्क्वॉड व एफएसएल टीम को कटी हुई मुंडी नहीं मिली। 60 वर्षीय गया प्रसाद कुशराम खेत में रखवाली के लिए रात रुक गया था और गांव से कुछ दूर बनी झोपड़ी में उसकी रक्तरंजित लाश मिली। पुलिस के मुताबिक परासिया ङिारी गांव निवासी गया प्रसाद कुसराम की हत्यारे गर्दन काट कर ले गए। वह दोपहर में पहुंचे परिजनों ने बताया कि रविवार 28 नवंबर की रात आठ बजे गया प्रसाद घर से खाना खाकर खेत को निकला था। रोज वह दोपहर में घर फिर खाना खाने आता था। सोमवार को वह नहीं आया। बगल में ही परिवार के अन्य लोगों का खेत है, और उसका चचेरा भाई रामसिंह गांव का सरपंच है। दोपहर में पडोस वाले खेत को देखने परिवार के दूसरे लोग पहुंचे तो गया प्रसाद को आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिलने पर वे झोपडी के अंदर पहुंचे तो सन्न रह गए। अंदर झोपडी में गया प्रसाद का रक्तरंजित धड़ पडा था और उसका सिर गायब था।
बेटा चलाता है जेसीबी, एक बेटे की हो चुकी है मौत.............
गया प्रसाद के दो बेटे व एक बेटी थी। शादीशुदा बडे बेटे देवी सिंह कुसराम की दो साल पहले ही एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। उसकी पत्नी अब मायके में रहती है। बेटी शारदा की भी शादी हो चुकी है। छोटा बेटा दीपचंद जेसीबी का ड्राइवर है। उसकी शादी भी एक साल पहले हुई है। अभी उनकी कोई औलाद नहीं है। बहू के साथ घर में कूराबाई ही थीं। बेटा जेसीबी चलाने गया हुआ था और गया प्रसाद खेत में गए हुए थे।
झांड-फूंक भी करता था गया प्रसाद.............
परासिया ङिारी गांव की लगभग ढाई हजार की आबादी है। गांव में कुसराम, पटेल, गौड व ब्राह्मण सभी समाज के लोग रहते हैं। रविवार 28 नवंबर को गांव में मढई का मेला लगा था। रात में देर तक चहल-पहल थी। गया प्रसाद कुसराम के बारे में पता चला है कि वह तांत्रिक विद्या भी जानता था और गांव में झांड-फूंक भी करता था। उसकी कई लोगों से चिढ़ थी। कुछ लोगों को उसने परेशान कर रखा था। पुलिस इस एंगल पर भी जांच में जुटी है। गया प्रसाद के शव को पोस्टमार्टम के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया है।