पेट्रोलियम व्यवसायी बोले-5 साल से कम्पनी ने नहीं बढ़ाया 1 रुपया माजिर्न
जबलपुर। प्रतिदिन बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों के बीच केंद्र सरकार द्वारा अचानक एक्साइज ड्यूटी कम करने से घटे पेट्रोल-डीजल के दामों पर भले ही सियासत गर्म हो, पर इससे ऐन दीपावली त्योहार पर पेट्रोल पंप संचालकों को तगड़ा झटका लगा है। रेट कम होने से कुछ लोग खुश हैं तो कुछ ये तर्क भी दे रहे हैं कि राहत अभी और मिलना चाहिए। वहीं सियासत में दखल रखने वाले इसे भाजपा को उपचुनाव के कुल परिणामों में मिले झटके का असर भी बता रहे हैं। जबलपुर अकेले में पेट्रोल पंप संचालकों को एक झटके में 6 से 7 करोड़ का घाटा होने और इसकी भरपाई के उपाय न होने को लेकर व्यापारिक जगत में खासी चर्चा है। कुछ तो राहत मिले पेट्रोल-डीजल के दाम घटने से आम आदमी को भले ही इससे कुछ राहत मिली हो, लेकिन विगत पांच साल से एक रुपए भी पेट्रोलियम कम्पनी द्वारा माजिर्न नहीं बढ़ाए जाने से पहले ही त्रस्त पम्प संचालकों को सरकार की यह कारगुजारी नागवार गुजर गई। इसके चलते पम्प संचालकों ने अपनी-अपनी पेट्रोलियम कम्पनी प्रबंधन को पत्र लिखकर इस पर तत्काल राहत देने मांग की है। पहले ही डबल स्टॉक पड़ा था पेट्रोलियम व्यवसायियों की मानें तो हर महीने के आखिरी में पहले से तेल कम्पनी पम्प पर स्टॉक बढ़ा देती है,वहीं दीपावली के कारण डिपो व परिवहन बंद होने की वजह से पम्प संचालकों ने डबल स्टॉक कर रखा था। अचानक 3 नवंबर को रेट घटा दिए गए जिससे टेंक में रखा हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल लंबा घाटा दे गया। पेट्रोल-डीजल डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश मेहता व सचिव असगर अली ने बताया कि इस संबंध में कंपनियों को पंप संचालकों की भावना से अवगत करा दिया गया है। मोटर मित्र पेट्रोल पंप के संचालक सुधीर गुगलिया ने कहा कि बीते 5 वर्षो में माजिर्न भी नहीं बढ़ाने से पंप संचालक वैसे ही परेशान हैं। नया सप्लाय ऑर्डर नहीं दे पा रहे बता दें कि जिले भर में टोटल 125 पेट्रोल-डीजल के आउटलेट्स हैं। इनमें से अधिकतर इस समय नया सप्लाय ऑर्डर ही नहीं दे पा रहे। माना जा रहा है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब एक साथ एक बार में इतना दाम कम कर दिया गया है। अब इसकी भरपाई कैसे हो पम्प संचालक यह नहीं समझ पा रहे। इनका कहना है---- तेल की कीमत कम्पनी घटाएयह उचित है, लेकिन अचानक इतना अंतर करने का खामियाजा अब पम्प संचालकों को भुगतना पड़ रहा है वो भी ऐन दीपावली जैसे त्यौहार के वक्त यह उचित नहीं है। घाटे के कारण हमारे कारोबार और कर्मचारियों तक को प्रभावित होना पड़ रहा है। अखिलेश मेहता, अध्यक्ष पेट्रोल-डीजल डीलर्स एसोसिएशन रेट जब पहले बढ़ रहे थे तो वो कुछ पैसों में बढ़त थी, लेकिन अब जब घटाए तो अचानक रुपयों में घटा दिए वो भी इतना ज्यादा। उस पर से हमने स्टॉक भर रखा है जिसके घाटे की भरपाई का रास्ता भी निकलना चाहिए। असगर अली, सचिव पेट्रोल-डीजल डीलर्स एसोसिशन