** एडीजी या आईजी रैंक के अफसर को कमिश्नर ऑफ पुलिस बनाया जा सकता है
** डीआईजी रैंक के अफसर को ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बनाया जा सकता है
** संतोष कुमार सिंह, हरिनारायण चारी मिश्र सहित कई अफसर दौड़ में शामिल
भोपाल। मध्यप्रदेश में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने की चार दशक पुरानी मुराद पूरी होने जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ ऐलान करते हुए कहा है कि इसकी शुरुआत इंदौर और भोपाल से की जाएगी। सीएम ने कहा है कि पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू से अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। मध्य प्रदेश भी अब पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों बड़े
शहरों में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रैंक के अफसर को कमिश्नर की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि इससे पहले सीआरपीसी के तहत कुछ अधिकार कलेक्टर और जिला प्रशासन के अफसरों से लेकर पुलिस को दिए जाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। पीएम मोदी की घोषणा के बाद एमपी में अमल खबर के मुताबिक कुछ महीनों पहले हैदाराबाद में आईपीएस अफसर की पास्ंिाग आउट परेड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश के ज्यादा से ज्यादा राज्यों में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होना चाहिए। इसके बाद अभी लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी राज्यों के डीजीपी के साथ बैठक कर चुके हैं। प्रदेश में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने का ऐलान प्रधानमंत्री की इस बैठक से जोड़कर देखा जा रहा है।
एडीजी या आईजी रेंक के अफसर बनेंगे पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर सिस्टम में इन दोनों शहरों में एडीजी या आईजी रेंक के अफसर को कमिश्नर ऑफ पुलिस बनाया जा सकता है। इसके बाद डीआईजी रैंक के अफसर को ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बनाया जा सकता है। वहीं एसपी रैंक के अफसर को एडिश्नल कमिश्नर ऑफ पुलिस बनाया जा सकता है। वहीं इसमें राज्य पुलिस सेवा के सीनियर अफसर को डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस बनाया जा सकता है। राज्य शासन के पास पूर्व में इस तरह का खाका भेजा जा चुका है। संभव है कि ज्वाइंट कमिश्नर के दो-दो पद इंदौर और भोपाल शहर में हो सकते हैं। वहीं एडिशनल पुलिस कमिश्नर के तीन या चार पद हो सकते हैं। इनमें से एक के बाद यातायात और क्राइम ब्रांच का चार्ज हो सकता है। इन पर आईपीएस अफसर ही पदस्थ होंगे। इसके बाद डीसीपी का पद राज्य पुलिस सेवा के अफसरों के खाते में जाएगा। जिसमें 8 से 10 तक एएसपी रैंक के अफसर डीसीपी बनाए जा सकते हैं।
संतोष कुमार सिंह व हरिनारायण चारी मिश्र जबलपुर में रह चुके पदस्थ
इंदौर, भोपाल के पहले पुलिस कमिश्नर बनने की दौड़ में कुछ चुनिंदा अफसर शामिल हैं। इस पद पर एडीजी और आईजी रैंक के अफसरों में से पदस्थापना होगी। इनमें एडीजी रैंक के विपिन माहेश्वरी, उपेंद्र जैन, आदर्श कटियार, योगेश चौधरी बन सकते हैं। आईजी में गृह सचिव डी श्रीनिवास वर्मा, राकेश गुप्ता व जबलपुर में पदस्थ रह चुके संतोष कुमार सिंह, हरिनारायणचारी मिश्र में से किसी अफसर को इंदौर, भोपाल की कमान सौंपी जा सकती है।