इंदौर से जबलपुर आ रही मां-बेटी की नहीं हुई सुनवाई
जबलपुर। इंदौर से जबलपुर आ रही महिला व उसकी बेटी को इंडिगो की फ्लाइट में यात्र करने से रोक दिया गया। दरअसल,इंदौर-जबलपुर फ्लाइट में चढ़ने से पहले उनके बैग का वजन ज्यादा होने के कारण वापस जाना पड़ा। जबलपुर के गोरखपुर में रहने वाली कविता ने बताया कि वह 14 नवंबर को अमेरिका से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरीं थी और वहां से इंदौर आईं। यहां गुलाब बाग में बेटी के घर रु कने के बाद सोमवार को जबलपुर जाना था, लेकिन इंडिगो एयरलाइन्स के विमान में बैग का वजन मात्र एक किलो ज्यादा होने के कारण वापस बेटी के घर आना पड़ा।
कंज्यूमर फोरम व कस्टमर केयर में की शिकायत .............
गोरखपुर निवासी कविता बेटी के साथ जबलपुर जाने के लिए इंदौर एयरपोर्ट पहुंची थीं। इंडिगो की इंदौर-जबलपुर फ्लाइट सुबह 6.20 बजे थी जो सुबह 8.55 बजे जबलपुर पहुंचती है। वजन ज्यादा होने पर उन्हें एयरपोर्ट अथॉरिटी ने प्लेन में बैग ले जाने की इजाजत नहीं दी। कविता ने एक्सट्रा चार्ज (इस तरह की स्थिति में एक्सट्रा चार्ज लेकर परिमशन दे दी जाती है) देने की बात कही, लेकिन अथॉरिटी ने साफ इनकार कर दिया। कविता का कहना है कि एयरपोर्ट पर लॉकर देने से भी मना कर दिया। एयरपोर्ट कैम्पस के बाहर तक बैग ले जाने की परिमशन मांगी तो वापस अंदर आने की परिमशन नहीं मिली, ऐसे उन्हें वापस लौटना पड़ा। सोमवार की शाम उन्होंने शिकायत इंडिगो के कस्टमर केयर और कंज्यूमर फोरम में की है।
इंडिगो मैनेजर बोले- प्लेन छोटा है.........
इंडिगो के मैनेजर से कविता और उनकी बेटी ने बात की। मैनेजर ने ऑपरेशन में होने की बात करते हुए फोन डिस्कनेक्ट कर दिया। बताया कि प्लेन का साइज छोटा है। इसमें इस तरह का बैग ले जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कस्टमर केयर पर बात करने की बात कहकर टाल दिया। बताया जाता है कि जिस इंडिगो की फ्लाइट से मां-बेटी को जाना था, वो 72 सीटर है जिसमें 62 इंच का बैग ले जाने की परिमशन है। वजन 30 किलो होना चाहिए जबकि पैसेंजर का बैग 60इंच का था, लेकिन वजन 31 किलो। मात्र 1 किलो ज्यादा होने पर फ्लायर को चढ़ने नहीं दिया गया।